Poems written by Soni Kedia

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी kavita

ज़िन्दगी क्या है, एक अनबुझी पहेली सी कुछ सुलझाती, कुछ उलझाती अजीब अनकही सी, ज़िन्दगी एक धड़कन सी, कभी शोर में ख़ामोशी सी दर्द में मुस्कुराती वो मन की आॅखों से पढ़ती दर्द वो सारे, ज़िन्दगी एक समझौते सी, उठती