Poems written by Shobha

मौत या ज़िन्दगी

मौत या ज़िन्दगी kavita

इसका आगमन होता है सिर्फ़ एक बार लेकिन सबके मन का बन जाता है भार, कोई करता है इसका बेसब्री से इंतिज़ार तो कोई इसके सामने हो जाता है लाचार, कुछ इससे भागते हैं दूर तो कुछ इसमें ढूंढते हैं

सूखा

सूखा kavita

दूर तक फैले हुए खेत जो दिखाई पड़ते हैं अब रेत, बीच में खड़ा एक अधीर इंसान जिसके हैं बेचैन कान, सुनने के लिए बादलों की गर्ज न जाने कबसे बेचारा कर रहा है ख़ुदा से इसके लिये अर्ज़, लेकिन न

Buried Effort

Buried Effort short poem

A face unbeknownst – belying recognition, To create mighty buildings is his mission. With caring hands does he mix, The cement and mud that he spreads over the bricks. Over his head he carries, The stones brought from the quarries.

Serenity

Serenity short poem

Dissolve all your sorrows in the cup of your mind, Stir it with ladle of sweet thoughts, Let the fragrance come out through the words you speak. Serve it on a platter with gentle and encouraging words, That would be