Poems written by Raj Bhandari

बिना किसी मतलब के

बिना किसी मतलब के kavita

बिना किसी मतलब के वो आँख भी उठाता नहीं, बिना किसी मतलब के वो कहीं आता -जाता नहीं, तो, बिना किसी मतलब के अब कोई उसे बुलाता नहीं, बिना किसी मतलब के वो आवाज़ लगाता नहीं, बिना किसी मतलब के