Poems written by Prerak Vyas

न्यूट्रल ज़मीन

न्यूट्रल ज़मीन azad nazm

बड़ी “न्यूट्रल” सी ज़मीन थी पहले कुछ भी नहीं था वहाँ कुछ होता नहीं था फिर एक दिन उसी ज़मीन के एक टुकड़े पर, हिन्दू शमशान भूमि बनी और कुछ दिनों बाद बिल्कुल बगल में एक सुन्नी क़ब्रिस्तान जलती हुई