Poems written by Poet Shriram Murthi

साँसों के धागे

साँसों के धागे azad nazm

दर्ज़ी है वो कौन जिसके हाथों में ये ज़िंदगी की मशीन है साँसों के धागों से बाहम जिस्म-ओ-रूह को सिलते जा रहा है टाँकेगा वो जब तक साँसों के धागे ये रूह और जिस्म साथ साथ चलेंगे यूँ ही जैसे

बारिश

बारिश azad nazm

बारिश हो रही है सुनो किसी बहाने से घर से निकलकर तुम आना बना कर कोई अच्छा बहाना के बारिशों में भीगे एक मुद्दत सी हो गई ये बूँदें ख़्वाहिशों के कोई बीज बो गई नुक्कड़ वाली दुकान पर छाता