Poems written by Nitish Bhardwaj

चले जायेंगे

चले जायेंगे ghazal

कारवां छोड़कर मेरे हमसफ़र चले जायेंगे हमें मालूम था सीने से लगकर चले जायेंगे अभी कमज़ोर दिखते हैं ज़रा से पर निकलने दो ये पंछी भी किसी रोज़ उड़कर चले जायेंगे मेरे हालात का तुम भी सनम जमकर मज़ा लूटो

अनजाने में

अनजाने में ghazal

अनजाने में गुस्ताखियाँ कर जाती बहुत हैं तुमको देखकर धड़कन बढ़ जाती बहुत हैं हकीमों ने दवा खातिर हमारा रोग जब पूछा हम बोले कि तेरी यादें आती बहुत हैं देखकर भी ये अक्सर कर जाती हैं अनदेखा तेरी आँखें

सैनिक संकल्प

सैनिक संकल्प kavita

हर पत्थर पर शौर्य कहानी लिखी होती सरहद पर देश प्राण हैं देश ही पानी देश ही रोटी सरहद पर, पीछे कदम न रखने की आदत है खोटी सरहद पर सियाचिन के जैसी भी जीती हैं चोटी सरहद पर… जो