Poems written by neha sonali

बुढ़ापा

बुढ़ापा kavita

Photo by VinothChandar उम्र की हर ऋतु का बन जाए जो समागम, ऐसी सोंधी ख़ुश्बू सा होता बुढ़ापे का मौसम, जीवन की राहों में बेनाम हुए जो अरमान, बुढ़ापे के अंशुल ने दी उन्हे हसीन उड़ान, चाहतों के लेकर पंख