Poems written by Manoj Kumar Mishra

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Manoj Kumar Mishra

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Manoj Mishra has been writing in English and Hindi since he was young........the journey still continues. He writes poems, short stories, articles. He is a teacher of English language in a central govt. organisation. He loves appreciating other's creative genius.......लिखना अच्छा लगता है. मन के अंदर उठ रहे तूफ़ानों को "तिनके का सहारा" जैसा. भावों की अभिव्यक्ति को मैं अपना कर्म मानता हूँ. मैं आंग्ल भाषा का शिक्षक हूँ, और बच्चों को अँग्रेज़ी भाषा का सही प्रयोग सीखाना मेरा धर्म. लेकिन कभी-कभी धर्म और कर्म के चक्कर में उलझा हुआ-सा महसुस करता हूँ, "जस क़ुरंग अकुलात" सा. बहरहाल, जीवन क्रम चलता जा रहा है. किसी सकारात्मक बदलाव के इंतज़ार में कभी खुश होकर बच्चों की मानिंद नाचने लगता हूँ, तो कभी मायूस निगाहों से आने वाले कल की दहलीज़ लाँघता हूँ. वक़्त गुजरता जा रहा है. ये कभी रुकता नहीं किसी के लिए. मेरे लिए भी नहीं रुकेगा, मैं जानता हूँ. मैं कोई वख्त का रिश्तेदार थोड़े ही हूँ. बस चलते जाना है इन सब के बीच. और इसीलिए चलते जा रहा हूँ............
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About Manoj Kumar Mishra

लिखना अच्छा लगता है. मन के अंदर उठ रहे तूफ़ानों को "तिनके का सहारा" जैसा. भावों की अभिव्यक्ति को मैं अपना कर्म मानता हूँ. मैं आंग्ल भाषा का शिक्षक हूँ, और बच्चों को अँग्रेज़ी भाषा का सही प्रयोग सीखाना मेरा धर्म. लेकिन कभी-कभी धर्म और कर्म के चक्कर में उलझा हुआ-सा महसुस करता हूँ, "जस क़ुरंग अकुलात" सा. बहरहाल, जीवन क्रम चलता जा रहा है. किसी सकारात्मक बदलाव के इंतज़ार में कभी खुश होकर बच्चों की मानिंद नाचने लगता हूँ, तो कभी मायूस निगाहों से आने वाले कल की दहलीज़ लाँघता हूँ. वक़्त गुजरता जा रहा है. ये कभी रुकता नहीं किसी के लिए. मेरे लिए भी नहीं रुकेगा, मैं जानता हूँ. मैं कोई वख्त का रिश्तेदार थोड़े ही हूँ. बस चलते जाना है इन सब के बीच. और इसीलिए चलते जा रहा हूँ. आप भी हमारे साथ चलिए. हम मिलकर एक नया आशियाँ बनाएँगे कल के लिए...........