Poems written by Brijesh Deshpande

एक मासूम सी अठन्नी

एक मासूम सी अठन्नी azad nazm

एक मासूम सी अठन्नी मेरी जेब में बदमाश से रुपये से लग के गले खनकती है, इनके होने के एहसास से, मेरी जेब अब दमकती इसकी अल्हढ़ सी आहटों से, मेरी जेब कुछ मचलती है, ये मासूम क्या जाने दर्द