Poems written by Ankit Manoj Pandey

यात्रा

यात्रा kavita

दिन चढ़ेगा आज सूरज भी निकलेगा लेकिन, थोड़ी सी ठंडक होगी फ़िज़ाओं में और साथ घुलेगी कुछ महक भी मद्धम सी, इन हवाओं के रस्ते होंगे नदियाँ होंगी, धाराओं को चीरकर बांधों के ऊपर से निकलकर हवाएँ चलेंगी ऐसे जैसे