Poems written by Ambrish Tewari

शिव की काशी

शिव की काशी kavita

धवल चन्द्र के भांति धवल सुरसरि के अमि साहिल पे बसा, घाटों के नुपुर से सज्जित श्रीविश्वनाथ के रंग रचा, आरोहित हो रवि-चन्द्र जहाँ लजियाते रश्मि-ओट तले, निरखि काशि-आभामंडल “ऐसी देदीप्य भू कहाँ मिले?” जहाँ रेणु रेणु में स्वर्ग है