Poems written by Pritam Pal Singh

तारीफ़

तारीफ़ ghazal

रिश्ता तोड़ कर मुझसे, जो मेरी तारीफ़ करता है वो अक्सर कहता था मरे की निंदा नहीं करते कई अफ़साने दफ़न हैं, गई रातों के मज़ारों पर नए शेर सुना कर सजदे में, उन्हें ज़िन्दा नहीं करते तेरा ऐतबार करना,

आँसू

आँसू azad nazm

मेरी आँखों के नीचे वो सारी रातें जम गयी हैं जो मैंने तेरी याद में जागकर काटीं थीं आँखों से ये बहते आँसू आँसू जुदाई के…खारे आँसू इन रातों के निशाँ धो नहीं पाते इन रातों की भँवर सी गहराइयों