Poems written by Hullas Arora

Wanderings..

Wanderings.. short poem

The habit of my soul to just walk away, leaving all relations one by one. Taking all the misfortunes, and the blames thereof, and the seduction of the silence of the mourning afterwards. Yes I know it has got that

नामुकम्मल

नामुकम्मल azad nazm

आब-ए-तलब तो हलक-ए-हासिलियत की मै नहीं होनी चाहिये ? मुसलसल तिश्नगी-ए-रुक्सत से हौसला-ओ-हिम्मत ज़वाल नहीं होनी चाहिए? इल्ज़ाम-ए-फाकह्मस्त से तारुफ़ रखते हैं मुसाफिर, प्यास-ए-ताजरिबह-ए-सरापा की लिखी ये आस , उनको नहीं होनी चाहिए? मौकापरस्त इस वक़्त की तूने बेशुमार कीमत