Poems classified as: हास्य

जैसा कि नाम से प्रतीत होता है यह शैली हास्य रस से परिपूर्ण होती है| हास्य कवि साधारनतया रोज़मर्रा की होने वाली छोटी बड़ी बातों पर हास्य के द्वारा अपने विचार प्रकट करते हैं| यह कवितायें सन्देश के साथ साथ मनोरंजन से पूर्ण रहती हैं| हास्य कविताओं की ठिठोली व्यंग्य की श्रेणी में नहीं आती|

यहाँ तक मैंने बस लिखा था किस्सा…

यहाँ तक मैंने बस लिखा था किस्सा... hasya

मेरी शब्बो का चौराहे पे घर है वहीं पर मेरा दिल है मेरा सर है, वहाँ जाड़े में मिल जाते हैं अंडे, वहीं गर्मी में लस्सी के हैं जलवे, तमन्ना है मेरी शब्बो का दीदार बहाना सिर्फ़ है ये सैर

लाड़ी तू सीखेगी गाड़ी!!!

लाड़ी तू सीखेगी गाड़ी!!! hasya

एक दिन छुट्टी की सुबह मैं ज़रा अखबार पढ़ रहा था, बीवी के रहते इतनी शान्ति है है गड़बड़ ये सोचकर डर रहा था, इतने में इस मन की शान्ति का मानो हो गया खुद से ही क्लेश, सुबह सुहानी